Tuesday, April 28, 2015

उसके इंतजार के मारे है हम..
बस उसकी यादों के सहारे है हम...
दुनियाँ जीत के कहना क्या है अब..??
जिसे दुनियाँ से जीतना था आज उसी से हारे है हम..

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